क्या आपका गुस्सा अचानक बढ़ गया है ? आपका गुस्सा आपको बर्बाद कर रहा है ?
कभी कभी गुस्सा सब कुछ बरबाद कर देता है,चाहे आपकी अथक मेहनत से कमाई हुई दौलत हो या अपना कीमती समय देकर जमाया हुआ व्यापार । कभी कभी आपके व्यक्तिगत रिश्ते भी गुस्से से बरबाद हो जाते हैं चाहे वो पति पत्नी के रिश्ते हों या फिर आपके अपने परिवार के साथ के रिश्ते ।
आज हम इस लेख में जानेंगे कि आखिर में गुस्से का ज्योतिषीय कारण क्या है । कोई कोई व्यक्ति स्वाभाविक रूप से जन्मजात गुस्सैल होते हैं लेकिन कुछ लोगों को गुस्सा अचानक से आने लगता है,अचानक गुस्सा बढ़ जाने का क्या कारण होता है । जो लोग जन्मजात गुस्सैल होते हैं उनके क्या कारण होते हैं ।
यहाँ जो भी बात होगी वो ज्योतिषीय आधार पर होगी और जो भी बताया जाएगा शास्त्रों के आधार पर बताया जाएगा लेकिन ज्योतिषीय भाषा में नहीं क्योंकि यह लेख आम जन मानस के लिए लिखा गया है ना कि ज्योतिष सिखाने के लिए इसलिए गंभीरता से पढ़ें और लेख अगर पसंद आए तो जाने से पहले पेज को Subscribe जरूर करें जिससे आपको ऐसे ही ज्ञानपरक लेख पढ़ने को मिलते रहें ।
गुस्से के लिए कौन सा गृह जिम्मेदार है ?
हम सभी के जीवन में ग्रह और उनका गोचर बहुत जिम्मेदार होते हैं,एक तो हम सभी अपनी अपनी कुंडली में ग्रहों की विशेष स्थित और योग लेकर पैदा होते हैं दूसरा हम सभी पर ब्रहमाण्ड में ग्रहों के होने वाले गोचर का भी बहुत प्रभाव पड़ता है ।
चलिये सबसे पहले जानते हैं कि गुस्से के लिए कौन सा ग्रह जिम्मेदार होता है ? गुस्से के लिए सबसे ज्यादा और मुख्य रूप से जिम्मेदार ग्रह है मंगल ग्रह । मंगल ग्रह को ग्रहों के सेनापति की उपाधि भी प्राप्त है । सेनापति का उत्साही,ऊर्जावान,साहसी और गुस्सैल होना स्वाभाविक ही है ।
मंगल ग्रह को ज्योतिष में क्रूर ग्रह माना गया है अगर यह कुंडली में ज्यादा बलवान हो और उस पर किसी शुभ ग्रह जैसे गुरु,शुक्र या चंद्र जैसे ग्रह ना देख रहे हों तो ऐसा व्यक्ति उत्साही तो होता है लेकिन जन्मजात गुस्सैल भी होता है । अति उत्साह और जल्दबाज़ी में निर्णय लेने वालों के ऊपर भी मंगल का विशेष प्रभाव होता है । ऐसे लोगों को मंगल को संयमित रखने के लिए कोई ना कोई उपाय जरूर करने चाहिए ।
अचानक क्यों बढ्ने लगता है गुस्सा ?
बहुत से लोग जन्मजात तो गुस्सैल नहीं होते लेकिन उनको अचानक से बात बात पर गुस्सा आने लगता है ऐसी स्थित में परिवारी जन कहने लगते हैं पहले तो तुम्हें गुस्सा नहीं आता था अब अचानक से गुस्सा क्यों बढ़ गया है ?
आप सभी लोग यह जान लें कि किसी की भी कुंडली में सभी नौ ग्रह एक साथ प्रभावी या क्रियाशील नहीं होते हैं । मुख्य रूप से कोई भी ग्रह या कोई भी योग तब अपना प्रभाव दिखाना प्रारम्भ करता है जब उसकी महादशा या अंतर्दशा का काल प्रारम्भ होता है । अगर आपकी जन्मजात कुंडली में मंगल ग्रह शुभ अवस्था में नही है तो आपको अचानक से गुस्सा आना प्रारम्भ हो जाएगा ।
कभी कभी ऐसा भी हो सकता है कि मंगल ग्रह गोचर वश आपकी कुंडली के ऐसे घर या ग्रह के ऊपर से गोचर करने लगे जो कि उसके लिए शुभ न हो तो ऐसे में भी अचानक से गुस्सा आना प्रारम्भ हो जाता है,ऐसी स्थित में भी आपको मंगल के उपाय करने चाहिये । गोचर वश मंगल का प्रभाव थोड़े समय के लिए ही होता है लेकिन थोड़े समय का गुस्सा भी कभी कभी बड़ा नुकसान करा देती है ।
मंगल ग्रह के प्रभावी होने के लक्षण :
वैसे तो जब भी आपको ऐसा लगे कि आप को गुस्सा नुकसान कर रहा है और यह अचानक से होने लगा है तो आपको किसी अच्छे ज्योतिष से सलाह जरूर लेनी चाहिये ।
अगर आप अचानक से अपने आप को ऊर्जा से भरा हुआ महसूस करने लगें और जल्दबाज़ी में निर्णय लेने लगें और खुद को सही मानते हुए अति उत्साही बन जाएँ तो आप को समझ लेना चाहिये कि आप का मंगल आप के ऊपर प्रभाव दिखाने लगा है,ऐसी स्थित में आपको सावधान हो जाना चाहिये और मंगल के उपाय प्रारम्भ कर देना चाहिए ।
मंगल ग्रह के तीन सरल उपाय ;
- अगर आप ने मंगल का रत्न धारण कर रखा है तो किसी ज्योतिष की राय लेकर पता करना चाहिये कि इस समय आप को मंगल का रत्न धारण करना चाहिये या उतार देना चाहिये ?
- ज्योतिष की सलाह के बाद मोती धारण करें इससे आप का मन शांत होगा ।
- लाल रंग के कपड़ों को पहनने से परहेज करें ।
- हनुमान जी की नियमित आराधना करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें ।
- अपने बड़े भाई का सम्मान करें और उसे समय समय पर उपहार दें ।
- नौ मंगलवार तक मसूर की दाल का दान करें ।
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